मामन खान के खिलाफ हरियाणा सरकार कर रही राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से कार्रवाई
राज्यपाल से मुलाकात कर कांग्रेस विधायकों ने हस्तक्षेप करने की मांग की

सत्य खबर हरियाणा
Congress meets Governor : हरियाणा विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में आज कांग्रेस विधायकों का एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मिला और उन्हें विज्ञापन सौंप कर फिरोजपुर झिरका से कांग्रेस विधायक मामन खान के खिलाफ सरकार द्वारा की जा रही राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से कार्रवाई की निंदा की गई और राज्यपाल से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की गई।

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि हमारे विधायक हैं मामन खान, के खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध से जो मुकदमे दर्ज किए गए हैं, उसके बारे में हमने गवर्नर साहब को मेमोरेंडम दिया है।
विधायक अशोक अरोड़ा ने कहा कि आज महामहिम से मिलकर हमने हमारे जो विधायक साथी को बेवजह तंग किया जा रहा है, उन पर प्रेशर बनाया जा रहा है, मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं, उसके बारे में कहा कि आप इसमें दखल करो और सरकार को कहो कि इस प्रकार की द्वेष की भावना नहीं रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मजबूती से हम सारे विधायक मामन खान के साथ हैं और अगर जरूरत पड़ेगी, तो विधानसभा के अंदर और बाहर भी इस मुद्दे को उठाएंगे।
बता दें कि नूंह हिंसा मामले में विधायक मामन खान का नाम कई एफआईआर में सामने आया है। पुलिस ने जुलाई 2023 की नूंह हिंसा से जुड़े कम से कम 3 से 4 मामलों में UAPA सहित गंभीर धाराएं जोड़ी हैं। इन मामलों में सांप्रदायिक हिंसा भड़काने, साजिश और अन्य गंभीर आरोप शामिल हैं। यही वजह है कि कानूनी कार्रवाई तेज होने के साथ उनकी गिरफ्तारी की आशंका बार-बार चर्चा में रहती है। हाल ही में कांग्रेस विधायक की सिक्योरिटी बढ़ाई गई थी। इसके पीछे की वजह गैंगस्टर और आपराधिक गिरोह से खतरे की सूचना बताया जा रहा है। इसके अलावा नूंह हिंसा मामले के बाद भी कांग्रेस विधायक की सुरक्षा का जोखिम बना हुआ है। इसको लेकर संभावित हमले या कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए एहतियाती कदम सरकार ने उठाया था। इन्हीं सब बिंदुओं को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाते हुए उन्हें गुरुग्राम शिफ्ट किया था और कमांडो तैनात किए गए थे।
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस विधायक दल मामले को राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तर पर लड़ने की तैयारी कर रहा है। गिरफ्तारी की स्थिति में पार्टी एकजुटता दिखाने की रणनीति बनाएगी। विपक्ष इसे सरकार की कार्रवाई बताते हुए सवाल उठाने की तैयारी में है
कांग्रेस विधायकों ने राज्यपाल के सामने हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र का उठाया। उन्होंने कहा कि वूमेन बिल (महिला आरक्षण बिल) इशू नहीं है, वूमेन बिल तो 2023 में पास हो चुका है, उसको इंप्लीमेंट करने की बात है ना, तो गलती सुधारने के लिए स्पेशल सेशन जो बुलाते हैं, कोई ऐसी बात हो, कोई इशू होता पब्लिक का जिसको करते, ये बताया हमने गवर्नर को बताया है। कांग्रेस ने राज्यपाल को बताया कि स्पेशल सेशन जब बुलाया जाता है, जब कोई देश के हित की बात हो, प्रदेश के हित की बात हो। आज नशा बढ़ रहा है उस पर लाते, बेरोजगारी के ऊपर लाते, अपराध के ऊपर लाते, परंतु ये सेशन जो बुलाया गया, अपने पॉलिटिकल फायदे के लिए बुलाया गया और जो चीज अधिकार में हमारे नहीं है, उसके लिए बुलाया गया। कांग्रेस ने महामहिम से इसके बारे में बताया कि ये पहली बार नहीं, चौथी बार हुआ है। पहले भी तीन बार इस प्रकार से इन्होंने जो इनके अधिकार में नहीं आता था, मनरेगा का सेंटर एक्ट है, उस पर इन्होंने चर्चा कराई। इसी प्रकार ‘वंदे मातरम’ 1950 में राष्ट्रगीत बन गया, उस पर चर्चा कराई। इसी प्रकार इलेक्शन रिफॉर्म जो किसी स्टेट का इशू ही नहीं है, उस पर चर्चा कराई। वूमेन बिल 2023 में पास हो गया और हैरानी है कि उसका नोटिफिकेशन भी नहीं हुआ था उसमें अमेंडमेंट लेकर आ गए। अपनी गलती को छुपाने के लिए अब ये राजनीति ड्रामा कर रहे हैं। वुमन बिल के साथ कांग्रेस पहले भी खड़ी थी, आज भी है।
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